Makar sankranti

Makar sankranti

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना मकर-संक्रांति कहलाता है. संक्रांति के लगते ही सूर्य उत्तरायण हो जाता है. मान्यता है कि मकर-संक्रांति से सूर्य के उत्तरायण होने पर देवताओं का सूर्योदय होता है और दैत्यों का सूर्यास्त होने पर उनकी रात्रि प्रारंभ हो जाती है. उत्तरायण में दिन बड़े और रातें छोटी होती हैं.

Makara-Sankranti

सृष्टि को ऊर्जावान करने वाले भाष्कर देव स्थान परिवर्तन करने जा रहे हैं. मकर संक्रांति से सूर्य नारायण 6 माह के लिए उत्तरायण हो जाएंगे. उत्तरायण काल मांगलिक समेत किसी भी कार्य के लिए श्रेष्ठ माना जाता है. मकर संक्रांति स्नान-दान के लिए बेहद खास है और इस दिन गंगाद्वार में गंगा स्नान के लिए आस्था का सैलाब उमड़ता है.

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